: मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ी फ़िल्म पुरस्कार समारोह- स्मार्ट सिनेमा अवार्ड 2024 में शामिल होने मिला निमंत्रण
Wed, Dec 27, 2023
मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ी फ़िल्म पुरस्कार समारोह- स्मार्ट सिनेमा अवार्ड 2024 में शामिल होने मिला निमंत्रण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राज्य अतिथि गृह पहुना में छत्तीसगढ़ी फ़िल्म पुरस्कार समारोह – स्मार्ट सिनेमा अवार्ड 2024 के आयोजकों ने सौजन्य मुलाक़ात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 17 जनवरी की आयोजित छत्तीसगढ़ी फ़िल्म पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजकों को आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों के भीष्म पितामह कहे जाने वाले स्वर्गीय विजय कुमार पाण्डेय की स्मृति में प्रति वर्ष इस समारोह का आयोजन किया जाता है। जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ी फिल्मों की प्रतिभा को पुरस्कृत करना है। इस समारोह में प्रदेश भर के कलाकार शामिल होते हैं। इस अवसर पर जय प्रकाश पाण्डेय एवं दीपक श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री को हिन्दूराष्ट्र धर्मसभा में शामिल होने किया आमंत्रित: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राज्य अतिथि गृह पहुना में श्री सुदर्शन संस्थानम के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को राजधानी रायपुर के श्री सुदर्शन संस्थानम शंकराचार्य आश्रम रावांभाठा में आयोजित हिन्दूराष्ट्र धर्मसभा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने संस्थान के सदस्यों को आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया।
https://youtu.be/zwD0R6a13ok?si=awIft14zbpiDKnAOगौरतलब है कि धर्म गुरु गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के सान्निध्य में धर्मसभा का आयोजन रावांभाठा में किया जा रहा है। इस अवसर पर सीमा तिवारी, चित्ररेखा साहू, टीकाराम साहू और चंदेश्वर पटेल भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री को रामराम बड़े भजन मेला में शामिल होने मिला निमंत्रण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राज्य अतिथि गृह पहुना में छत्तीसगढ़ रामनामी रामराम भजन संस्था के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को सक्ती जिले के जैजैपुर नगर पंचायत में आयोजित रामराम बड़े भजन मेला में शामिल होने के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए संस्था के सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर राम सिंह रामनामी, तिहारु राम रामनामी, केदार खांडे, अशोक बघेल तथा संस्था के सदस्य उपस्थित थे।
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: सुलगते सवाल: क्यों मंत्री नहीं बने ये बड़े नेता ? किसके लिए खाली है एक कुर्सी ?
Sun, Dec 24, 2023
सुलगते सवाल: क्यों मंत्री नहीं बने ये बड़े नेता ? किसके लिए खाली है एक कुर्सी ?
किसके लिए खाली है एक कुर्सी?
म्युजिकल चेयर की तरह विष्णुदेव साय कैबिनेट में मंत्री पद की एक सीट खाली रखी गई है। इस कुर्सी के इर्द-गिर्द कई चेहरों को लेकर उनके समर्थकों में उम्मीदें बंधी हैं। कोई कह रहा है कि लोकसभा में टिकट नहीं मिली, तो उनके लिए खाली रखी गई है। किसी के पास उम्र का हवाला है, किसी के पास सीनियरिटी की दलील, किसी के पास अपनी लंबी जीत की प्रोफाइल, किसी को अपने साथ जातिगत समीकरण होने का भ्रम है, तो किसी को महिला होने का। लेकिन वक्त की चाक पर इन चेहरों के बीच घूमती हुई इस कुर्सी पर कौन बैठेगा, ये तो वक्त ही बताएगा? तब तक सिर्फ कयास, इंतजार, आस और उम्मीद। क्योंकि बीजेपी में इसके अलावा और कुछ करने की गुंजाइश भी नहीं।
बीजेपी के पितृ पुरुष कहे जाने वाले दिवंगत नेता लखीराम अग्रवाल के बेटे अमर अग्रवाल 1998, 2003, 2008 और 2013 में विधायक चुने गए। 2018 में हार के बाद इस बार शैलेष पांडेय को हराकर फिर बिलासपुर से चुनाव जीते। लेकिन रमन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहने के दौरान आंख फोड़वा कांड, गर्भाशय कांड जैसे मामले ने उनके साथ सरकार की छवि भी खराब की थी। नगरीय प्रशासन मंत्री रहते हुए बिलासपुर को धूलपुर बनाने और सीवरेज परियोजना से आम जनता के गुस्से का शिकार हुए। रमन सरकार के सबसे भरोसेमंद और तगड़े मैनेजमैंट के लिए विख्यात राजेश मूणत 2003, 2008 और 2013 में विधायक बने। लगातार 15 साल मंत्री रहे। लेकिन 2018 के चुनाव में विकास उपाध्याय से हारने के बाद उनका कद छोटा होता गया। इस बार जीत के बाद भी साय कैबिनेट में जगह नहीं मिली। 1996, 1998, 1999 और 2004 में लोकसभा सांसद रहे पुन्नूलाल मोहले रमन सरकार में एससी वर्ग का चेहरा थे। 3 बार के मंत्री 4 बार सांसद मोहले 7 वीं बार विधायक चुने गए।लेकिन विष्णुदेव साय कैबिनेट में जगह नहीं मिली। पार्टी ने उनकी जगह दयालदास बघेल को मौका दिया। तेज-तर्रार छवि वाले और ओबीसी चेहरे अजय चंद्राकर 1998, 2003, 2013, 2018 और 2023 में 5 वीं बार विधायक बने। 2003 और 2013 में रमन सरकार में मंत्री रहे अजय चंद्राकर को ओबीसी चेहरा होने का फायदा नहीं मिला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहने के साथ पांच बार के विधायक और एक बार के सांसद विक्रम उसेंडी को भी जीत के बाद पार्टी ने कैबिनेट में जगह नहीं दी। बस्तर से बीजेपी का आदिवासी महिला चेहरा रहीं लता उसेंडी और सरगुजा के सूरजपुर से जीते भैयालाल राजवाड़े को भी कैबिनेट में जगह नहीं मिली। उनकी जगह पार्टी ने राजवाड़े समाज से नए चेहरे लक्ष्मी राजवाड़े को मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया। विधानसभा अध्यक्ष के अलावा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके धरमलाल कौशिक को पार्टी का अनुभवी ओबीसी चेहरा होने के बावजूद दरकिनार किया गया। 1998, 2008, 2018 और 2023 में विधायक बने धरमलाल कौशिक को बिलासपुर से अरुण साव के डिप्टी सीएम बन जाने की वजह से मौका नहीं मिला। इसी तरह मोदी कैबिनेट में केंद्रीय राज्य मंत्री रहीं रेणुका सिंह को भी मंत्री पद नहीं मिला, जबकि वे पहले प्रदेश में मंत्री रह चुकी हैं। इसी तरह सांसद गोमती साय को भी मंत्री नहीं बनाया गया।
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