भाई ने दोस्त के साथ मिलकर बहन के घर की चोरी : 2.5 लाख के गहने किए पार, जीजा की शिकायत पर साला गिरफ्तार
Wed, Dec 17, 2025
दुर्ग:
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से चोरी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, यहां एक भाई ने अपनी ही बहन के घर चोरी (Bhai Ne Ki Bahan Ke Ghar Chori) की घटना को अंजाम दे डाला। ढाई लाख के गहने को उसने गिरवी रखवा दिया और नगद को वह जुए में हार गया। जीजा की शिकायत के बाद पुलिस ने उसके साले सहित दोस्त और ज्वेलरी दुकान संचालक को भी गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से चोरी के जेवर और कैश बरामद किया गया।
यह पूरा मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। यहां पुलिस को एक घर से ढाई लाख की गहनों की चोरी के मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चोर और नहीं बल्कि शिकायतकर्ता का साला ही निकला, जिसने अपने ही दोस्त के साथ मिलकर घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोरी के गहने को उसने गिरवी रखवा दिया था और नगद को वह जुएं में हार गया था। फिलहाल पुलिस ने चोरी के गहने और नगद बरामद कर लिया है।
ढाई लाख के गहने और नगद किए थे चोरी
जानकारी के मुताबिक, कैलाश नगर हाउसिंग बोर्ड भिलाई में रहने वाले सन्नी साहू ने 14 दिसंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 6 दिसंबर को वह घर से बाहर गया हुआ था, तो उसका साला सुरेश साहू उसके घर आया हुआ था, वहीं जब उसकी पत्नी बाजार गई तो किसी अज्ञात चोर ने ढाई लाख के सोने-चांदी के गहने और नगद चोरी कर लिए।
इस तरह से हुआ पूरे मामले का खुलासा
शिकायत के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस ने शक के आधार पर सन्नी साहू के साले सुरेश साहू को 16 दिसंबर को हिरासत में लिया, जब उससे पूछताछ की गई तो उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। आरोपी ने बताया कि उसने अपने दोस्त खिलेश्वर देशमुख के साथ चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद उस गहने को पावर हाउस क्षेत्र के एक ज्वेलरी दुकान में गिरवी रखवा दिया था और चोरी की रकम को जुए में हार गया था।
ज्वेलरी दुकान संचालक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
फिलहाल पुलिस ने सुरेश साहू, खिलेश्वर देशमुख और चोरी की ज्वेलरी गिरवी रखने वाले ज्वेलरी दुकान संचालक सतीश ठोसर को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से सोने का नेकलेस, मंगलसूत्र और सोने की चेन बरामद की है, जिसकी अनुमानित किमत 1 लाख 80 हजार रूपए आंकी गई है। इतना ही नहीं उनके कब्जे से 70 हजार नगद भी बरामद किया गया है।
Aaj Ka Panchang : : बुध प्रदोष व्रत आज, नोट कर लें सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त
Wed, Dec 17, 2025
Aaj Ka Panchang :
17 दिसंबर, बुधवार, शक संवत्: 26 मार्गशीर्ष (सौर) 1947, पंजाब पंचांग: 03 पौष मास प्रविष्टे 2082, इस्लाम: 25 जमादि-उल्सानी, 1447, विक्रमी संवत: पौष कृष्ण त्रयोदशी रात्रि 02.33 मिनट तक पश्चात चतुर्दशी तिथि, विशाखा नक्षत्र सायं 05.12 मिनट तक पश्चात अनुराधा नक्षत्र, गर करण। चंद्रमा तुला राशि में प्रात: 10.26 मिनट तक उपरांत वृश्चिक राशि में। सूर्य दक्षिणायन। सूर्य दक्षिण गोल। हेमंत ऋतु। दोपहर 12 बजे से दोपहर 01.30 मिनट तक राहुकालम्। भद्रा रात्रि 02.33 मिनट से।
व्रत, त्योहार-
बुध प्रदोष व्रत। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिवजी की पूजा और व्रत करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस व्रत से धन, सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। हर माह में शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। इस समय पौष का महीना चल रहा है। पौष माह के कृष्णपक्ष का प्रदोष व्रत आज यानी 17 दिसंबर को है। 17 दिसंबर को बुधवार है, इसलिए इस प्रदोष व्रत को बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा।
सूर्योदय 07:08 ए एम
सूर्यास्त 05:27 पी एम
चन्द्रोदय 05:37 ए एम, दिसम्बर 18
आज के शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त 05:18 ए एम से 06:13 ए एम
प्रातः सन्ध्या 05:45 ए एम से 07:08 ए एम
अभिजित मुहूर्त कोई नहीं
विजय मुहूर्त 02:01 पी एम से 02:42 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 05:24 पी एम से 05:52 पी एम
सायाह्न सन्ध्या 05:27 पी एम से 06:49 पी एम
अमृत काल 07:17 ए एम से 09:05 ए एम
निशिता मुहूर्त 11:50 पी एम से 12:45 ए एम, दिसम्बर 18
सर्वार्थ सिद्धि योग 05:11 पी एम से 07:08 ए एम, दिसम्बर 18
अमृत सिद्धि योग 05:11 पी एम से 07:08 ए एम, दिसम्बर 18
आज के अशुभ मुहूर्त-
राहुकाल 12:17 पी एम से 01:35 पी एम
यमगण्ड 08:25 ए एम से 09:42 ए एम
गुलिक काल 11:00 ए एम से 12:17 पी एम
विडाल योग 05:11 पी एम से 07:08 ए एम, दिसम्बर 18
वर्ज्य 09:40 पी एम से 11:28 पी एम
दुर्मुहूर्त 11:57 ए एम से 12:38 पी एम
बाण मृत्यु - 03:36 ए एम, दिसम्बर 18 तक
भद्रा 02:32 ए एम, दिसम्बर 18 से 07:08 ए एम, दिसम्बर 18
अग्नि - 03:36 ए एम, दिसम्बर 18 से पूर्ण रात्रि तक
विंछुड़ो 10:26 ए एम से 07:08 ए एम, दिसम्बर 18