: सना सोनल हॉफमेन ने आई डी बी आई बैंक मैनेजर ऋषिराज अनेजा के साथ मिलकर नोटबंदी के दौरान फर्जी खाता खोला और लाखों रूपये जमा किए ।
Mon, Jul 15, 2024
सना सोनल हॉफमेन पिता A W Hoffman जो कि संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय तथा अधनस्थ कार्यालय में उपसंचालक (758 कन्जरवेशन सेल) में पदस्थ है और bhilai sector 10 में निवासरत है सना सोनल हॉफमेन ने आई डी बी आई बैंक मैनेजर ऋषिराज अनेजा के साथ मिलकर नोटबंदी के दौरान फर्जी खाता खोला और लाखों रूपये जमा किए ।
सना सोनल हॉफमेन एवं बैंक मैनेजर ऋषिराज अनेजा ने नोटबंदी के दौरान ए० गोविंद राजू के दस्तावेज लगाकर फर्जी हस्ताक्षर कर आई.डी बी आई बैंक में खाता खोला जिसके विरूद्ध मााननीय न्यायलय रायपुर के आदेशानुसार सना सोनल हॉफमेन एवं बैंक मैनेजर ऋषिराज अनेजा के विरूद्ध धारा 420,467,468,471,120बी, 34, भा०द०सं० के तहत् थाना मुजगहन में अपराध (FIR) दर्ज किया गया। सना सोनल हॉफमेन एवं बैंक मैनेजर ऋषिराज अनेजा के द्वारा अग्रिम जमानत आवेदन लगाया गया।
शिकायतकर्ता ए०गोविंद राजू के द्वारा अग्रिम जमानत आवेदन पर आपत्ति अधिवक्ता कर्टिस कांलिस के द्वारा लगाई गई। तर्क सुनने के बाद मााननीय न्यायालय नवम् अतिरिक्त सत्र न्यायधी सत्र न्यायालय रायपुर के द्वारा दिनांक 08.07.2024 जमानत आवेदन कमांक 1729/2024एव 1721 / 2024 को अग्रिम जमानत निरस्त कर दिया गया है।
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: टिकरापारा, संजय नगर, कालीबाड़ी, पंडरी, समता कॉलोनी, कोटा,भनपुरी, नया बस स्टैंड बना नशे का अड्डा
Sun, Jul 14, 2024
Cglive24 news टिकरापारा, संजय नगर, कालीबाड़ी, पंडरी, समता कॉलोनी, कोटा,भनपुरी, नया बस स्टैंड बना नशे का अड्डा लाख कोशिशों के बावजूद राजधानी नशे की जद से नहीं उबर पा रहा बेखौफ चल रहा नशे का कारोबार, युवा पीढ़ी नशे के गिरफ्त में कुछ दिन पूर्व हिस्ट्रीशीटर के गुर्गों ने मकान खाली कराया था, जिसमें कार्रवाई न होना टीआई को भारी पड़ा राजधानी में हर रोज पकड़ रहे है गांजे
अपराध का गढ़ बन गया था, जिसे रोकने टिकरापारा थाना असहाय नजर आ रहा है। टिकरापारा थाना क्षेत्र में औसत रूप से प्रतिमाह आठ से दस घटनाएं हो रही थी। आम जनता और राहगीर भी परेशान हो गए थे। क्राइम का ग्राफ दिनों दिन बढ़ रहा था, पिछले एक साल के अपराध आंकड़ों पर नजर डाले तो टिकरापारा का ग्राफ सबसे ऊपर पहुंच गया है। जिसकी शिकायत सरकार और प्रशासन के समक्ष लगातार पहुंच रहे थे।
टिकरापारा, संजय नगर, कालीबाड़ी, पंडरी, समता कॉलोनी, कोटा,भनपुरी, नया बस स्टैंड बना नशे का अड्डा लाख कोशिशों के बावजूद राजधानी नशे की जद से नहीं उबर पा रहा बेखौफ चल रहा नशे का कारोबार, युवा पीढ़ी नशे के गिरफ्त में कुछ दिन पूर्व हिस्ट्रीशीटर के गुर्गों ने मकान खाली कराया था, जिसमें कार्रवाई न होना टीआई को भारी पड़ा राजधानी में हर रोज पकड़ रहे है गांजे
Cglive24 news raipur । Tikrapara टिकरापारा अपराध का गढ़ बन गया था, जिसे रोकने टिकरापारा थाना असहाय नजर आ रहा है। टिकरापारा थाना क्षेत्र में औसत रूप से प्रतिमाह आठ से दस घटनाएं हो रही थी। आम जनता और राहगीर भी परेशान हो गए थे। क्राइम का ग्राफ दिनों दिन बढ़ रहा था, पिछले एक साल के अपराध आंकड़ों पर नजर डाले तो टिकरापारा का ग्राफ सबसे ऊपर पहुंच गया है। जिसकी शिकायत सरकार और प्रशासन के समक्ष लगातार पहुंच रहे थे।
CGLIVE24 NEWS: थाना प्रभारी समेत कई इंस्पेक्टरों का ट्रांसफर पिछले दिनों टिकरापारा पुलिस ने नया बस स्टैंड से गांजे की तस्करी करते एक युवक और एक युवती को पकड़ा गया था उनसे गांजा भी बरामद किया गया था लेकिन बाद में मामले की कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी थाने स्तर पर ही लेनदेन कर रफादफा करने की जानकारी मिल रही थी। टिकरापारा थाने के दो स्टाफ को वसूली के आरोप में सस्पेंड भी किया गया था। उसके बावजूद अवैध वसूली रुकने का नाम नहीं ले रही थी। बस स्टैंड के सूत्रों ने बताया कि टिकरापारा थाने के दोनों सस्पेंडेड कर्मचारी अभी भी टीआई के नाम से नया बस स्टैंड में अवैध वसूली कर रहे हैं। ऐसे कर्मचरियों को सेवा से ही बर्खास्त किया जाए। कल भी संजय नगर में नशे के ालत में युवकों ने खूब हंगामा किया था लेकिन टिकरापारा थाने से मामला ठन्डे बस्ते में डाल दिए जाने की खबर है। इन्ही सब बातों को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से टिकरापारा थाने के टीआई को लाइन हाजिर कर दिया जबकि कुछ दिन पहले ही उसे पुरस्कृत किया गया था राजधानी रायपुर में नशे के कारोबारी लगातार अपना नेटवर्क मजबूत कर रहे हैं। पुलिस मुखबिरों की सूचना पर इन आरोपियों पर कार्रवाई भी करते है, लेकिन प्यादों पर कार्रवाई कर पुलिस इतिश्री कर लेती है और जांच सीमित कर कार्रवाई रोक देते हैं । जबकि एसएसपी युवाओं को नशे की लत से दूर करने एड़ी चोटी की जोर लगा दिए हैं और थाने स्तर जगह जगह निजात अभियान के तहत आयोजन भी लगातार करवा रहे हैं। कुछ
थानेदार और स्टाफ के असहयोग के कारण आशातीत सफलता नहीं दिख रही है। राजधानी में नशे के सामान कहां से आती है, किन रास्तों से सप्लाई होती है, इसका मुख्य सरगना कौन है इन सभी बातों की जानकारी थानेदारों और स्टाफ को होती है , लेकिन मुख्य तस्करों को पक?ने के बजाय प्यादों को पकड़ती है जो सबूत केअभव में कोर्ट से छूट जाते हैं। राजधानी में चरस, अफीम, स्मैक, डोडा और गांजे का खुलेआम कारोबार हो रहा है। मजे की बात थाने के आसपास तक में अवैध काम हो रहा है। एक या दो आरोपियों पर कार्रवाई करके पुलिस अधिकारी अपने मातहत कर्मचारियों को शाबासी पर शाबासी दे रहे हैं। नशे का कारोबार पूरे शहर में कारोबार चल रहा है और अधिकारी शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। थाने में शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। थाने में शिकायत करने पर शिकायतकर्ता की जानकारी संबंधित नशे के कारोबारियों को थाने से ही मिल जाती है और उसके साथ मारपीट तक नशे के सौदागर कर देते हैं। इस वजह से लोग शिकायत करना नहीं चाहते।[caption id="attachment_7274" align="alignnone" width="300"]
Oplus_131072[/caption]पान दुकानों में गंजे की सिगरेट उपलब्ध युवाओ को आसानी से पान दुकानों में गांजे की सिगरेट आसानी से मिल जा रही है। गांजा से लेकर चरस, अफीम, स्मैक और डोडा आसानी से युवाओं को उपलब्ध हो रहा है। युवा अपनी लत पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा रहे हैं। नशे की सामग्री ग्राहकों को आसानी से उपलब्ध करने के लिए नशे के सौदागरों ने फार्म हाउस, पब, हुक्का पार्लर और आउटर में बने फार्म हाउसों में सेटिंग कर लिए हैं। इन सौदागरों का टारगेट कॉलेज और स्कूल जाने वाले युवा है। इन्हें नशे की लत डालने के लिए आरोपी पहले उधारी देते है और फिर पैसा वसूलने के लिए धमकी और मारपीट भी करते है।प्राइवेट पार्टी की आड़ में फार्म हाउसों में नशे की सप्लाई राजधानी में नशे के सौदागरों ने बिगड़े नवाबों, रईसजादों से दोस्ती कर उन्हें नशे का आदी बनाता है और उनसे पैसा वसूलता है। क्वींस क्लब और भी वीआईपी रोड स्थित क्लबों में इस तरह की घटना हो चुकी है। जिसमेगोली भी चली थी और आरोपी पर रायपुर पुलिस के अफसरों ने कार्रवाई की थी। आरोपी हुक्का पार्लर और प्राइवेट पार्टी में युवाओं को अपने साथ ले जाते है और उन्हें धीरे-धीरे नशे का आदी बनाते हैं। इन पार्टियों में युवतियों को फ्री एंट्री मिलती है, ताकि पार्टी की रौनक बढ़ सके और इसके आड़ में नशे के कारोबारी जमकर उगाही करते हैं।
इन इलाकों में चल रहा नशे का कारोबार टिकरापारा, संजय नगर, संतोषी नगर, टाटीबंध, पुरानी बस्ती, कोतवाली, ईरानी डेरा, माना, खमतराई, पंडरी, तेलीबांधा, मौदहापारा, कोटा, रामनगर, गुढिय़ारी, सड्डू और वीआईपी रोड।