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: डॉ. रमन के दमाद पर 50 करोड़ के घोटाले वाला पुराना मामला फिर उछला, विधानसभा चुनाव से पहले आरोपों की राजनीति के नए तेवर….!

डॉ. रमन के दमाद पर 50 करोड़ के घोटाले वाला पुराना मामला फिर उछला, विधानसभा चुनाव से पहले आरोपों की राजनीति के नए तेवर….! आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजीव झा ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पता भगवान भरोसे चल रहे हैं, प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, वेटिंलेटर पर हैं। 13 जून को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए संजीव झा के साथ अन्य नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। झा ने कहा- प्रदेश के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों में मूलभूत जांच की सुविधाएं नहीं हैं । 23 सालों बाद भी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बद से बदतर, वोट वैंक की राजनीति कर रही बीजेपी-कांग्रेस। उन्होनंे DKS अस्पताल में हुई गड़बड़ी-गबन के साल 2019 के मामले को याद दिलाते हुए कहा कि ठेकेदारी प्रथा पर डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चल रहा है। वहां के प्रमुख रह चुके रमन सिंह के दामाद डॉ पुनित गुप्ता पर था करोड़ों के घोटाले का आरोप, अब तक इस मामले में कोई जांच नहीं हुई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी, डॉक्टर्स विंग के स्टेट इंचार्ज डॉ. विक्रांत केसरिया भी शामिल हुए। उन्होंने कहा- प्रदेश में कुल 9 सरकारी मेडिकल कॉलेज, 3 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और एक एम्स है। बावजूद इसके प्रदेश में स्वास्थ व्यवस्था बेहद लचर है निशाने पर डॉ रमन के दामाद डॉक्टर पुनीत गुप्ता क्यों ? छत्तीसगढ़ में कवरेज की सरकार बनने के तुरंत बाद 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद व दाऊ कल्याण सिंह सुपरस्पेश्यलिटी अस्पताल (डीकेएस) के पूर्व अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ रायपुर के गोलबाजार थाने में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने डॉ. गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन करने का अपराध दर्ज किया था। गड़बड़ी 50 कारोड़ की थी। तब शासन की जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। दरअसल, डीकेएस के सुपरस्पेश्यलिटी अस्पताल बनाने से लेकर उपचार शुरू होने तक डॉ. गुप्ता अधीक्षक थे। इस दौरान अस्पताल का रिनोवेशन, विभिन्न पदों पर नियुक्ति, उपचार उपकरणों की खरीदी सहित ठेका देने में जांच समिति ने नियमों की अवहेलना और शासकीय राशि के दुरुपयोग का होना पाया था। डॉ गुप्ता को तब पूछताछ के लिए एक दो बार थाने बुलाया गया, मगर इस केस में कोई गिरफ्तारी नहीं की गई थी। अन्ना हजारे के साथ आंदोलन से निकले और राजनीति में मौसम के हिसाब से रंग बदलते आम आदमी पार्टी के नेता कांग्रेस और भाजपा के विरुद्ध गंभीर आरोप के भरोसे अपनी राजनीति जमीन तैयार करते रहे हैं ! जनता के लिए नए मुद्दे और विज़न के विरुद्ध आरोपों की अब राजनीति का दौर पुराना हो चुका है ! बावजूद इसके, आप पार्टी के नेताओं की वही पुरानी शैली बरकरार है ! Cglive24

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