BREAKING NEWS

जानें शनिवार के सभी शुभ- अशुभ मुहूर्त, पढ़ें आज का पंचांग

कुंभ-मीन समेत इन 5 राशियों के लिए आज का दिन जबरदस्त...पढ़िए दैनिक राशिफल

अनिल अग्रवाल समेत 10 पर एफआईआर दर्ज

को मिला नियुक्ति पत्र

CBSE 10वीं में 98.2% लाकर जिले को किया गौरवान्वित

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सरकार ने आवासीय भवन के लिए प्रावधान नहीं बदले, पुरानी गाइडलाइन ही : नई गाइडलाइन जारी; व्यवसायिक भवनों में पार्किंग एरिया 50% से कम है तो नहीं होगा नियमितीकरण

भवनों के अतिरिक्त निर्माण नियमितीकरण को लेकर राज्य शासन ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसमें आवासीय भवनों के नियमितीकरण के प्रावधान में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन व्यवसायिक भवनों को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं।

नई गाइडलाइन के मुताबिक जिन व्यवसायिक भवन में कम से कम 50 प्रतिशत पार्किंग की सुविधा होगी, उन्हें ही नियमित किया जाएगा। इसके बाद नियमितीकरण के लिए बीते डेढ़ साल से पेंडिंग लगभग 4500 आवेदनों के निराकरण का रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस शासन में 2022-23 में नियमितीकरण

चलाया गया था। जिसमें अतिरिक्त निर्माण को नियमित करने के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर नियमित कराया जा सकता था। आवेदन लेने और मौका मुआयना का काम निगम के पास था। वह रिपोर्ट बनाकर नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में जमा करता था। यहां कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी प्रत्येक आवेदनों का अवलोकन करने के बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरा की थी। राज्य में सरकार के बदलते ही नई सरकार ने नियमितीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इसके कारण प्रदेश में हजारों आवेदन लंबित रह गए थे। जिसमें दुर्ग जिले के 4450 आवेदन शामिल हैं। इनमें 4241 आवासीय और 1817 व्यवसायिक केटेगरी के आवेदन शामिल हैं।

आवासीय भवनों के भी 4241 आवेदन अब तक लंबित

जिले में व्यवसायिक भवनों के साथ-साथ आवासीय भवनों के भी 4241 आवेदन बीते डेढ़ वर्षों से लंबित है। बताया गया कि सरकार बदलने के मुख्यालय से केवल व्यवसायिक भवनों के नियमितीकरण आवेदनों के निराकरण पर ही रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। इसकी आड़ में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने आवासीय आवेदनों के नियमितीकरण पर अघोषित रोक लगा दी। जिसके कारण दुर्ग निगम के ही करीब 1500 आवेदन अटके हुए है। प्रक्रिया को शुरू कराने निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले ने कलेक्टर अभिजीत सिंह से मांग की है।

नियमितीकरण की प्रक्रिया निगम में कराने की मांग

वर्तमान में नियमितीकरण की प्रक्रिया का शुरुआत काम निगम में किया जाता है। एप्रूवल का काम नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में होता है। दुर्ग के पूर्व मेयर धीरज बाकलीवाल ने कलेक्टर से मांग की है कि आवासीय भवनों के लंबित आवेदनों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए। इस प्रक्रिया को नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के माध्यम से कराए जाने की बजाए निगम के माध्यम से कराया जाए। जिससे मिलने वाली राशि निगम के खाते में जमा हो।

पार्किंग नहीं तो आवेदन पर विचार ही नहीं:

आवास, पर्यावरण

विभाग रायपुर ने नियमितीकरण को लेकर नई गाइडलाइन जारी की। जिसके मुताबिक अब ऐसे किसी व्यवसायिक भवन को नियमित नहीं किया जाएगा, जिसमें पार्किंग की सुविधा नहीं है या है भी तो 25 प्रतिशत। लंबित आवेदनों में केवल उन्हीं आवेदनों का निराकरण किया जाएगा जिनके पास कम से कम 50 प्रतिशत पार्किंग जगह है।

नियमितीकरण से शासन 32 करोड़ की आय

छग अनाधिकृत

विकास का नियमितीकरण अधिनियम 2022 के तहत दुर्ग जिले में 11713 आवेदन मिले थे, इनमें 8498 आवेदन आवासीय और 3183 आवेदन गैर आवासीय नियमितीकरण के लिए थे। आवासीय के 4257, गैर आवासीय 1366 आवेदनों का निराकरण किया गया जिससे शासन को 32 करोड़ 11 लाख रुपए की राजस्व की प्राप्ति हुई

विज्ञापन

जरूरी खबरें