: अमित शाह ने किन कलेक्टरों को किया फोन, नाम दें...' जयराम के आरोपों पर चुनाव आयोग ने मांगा जवाब
अमित शाह ने किन कलेक्टरों को किया फोन, नाम दें...' जयराम के आरोपों पर चुनाव आयोग ने मांगा जवाब
Cglive24 NEWS Lok Sabha Election 2024 अमित शाह द्वारा 150 से अधिक जिलाधिकारियों से फोन पर बात करने के कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के आरोप को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। चुनाव आयोग ने जयराम रमेश को इसके बारे में सबूत देने कहा है। आयोग ने जयराम से उन कलेक्टरों के नाम मांगे हैं जिनसे अमित शाह ने बात की है।
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नई दिल्ली। अमित शाह द्वारा 150 से अधिक जिलाधिकारियों से फोन पर बात करने के कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के आरोप को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। चुनाव आयोग ने जयराम रमेश को इसके बारे में सबूत देने कहा है
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जयराम रमेश ने शनिवार की शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अमित शाह द्वारा जिलाधिकारियों को फोन कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरा होने तक सभी जिलाधिकारी आयोग के मातहत माने जाते हैं और नियम के मुताबिक उनके लिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की जानकारी तत्काल चुनाव आयोग को देना अनिवार्य है।
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जिलाधिकारियों ने नहीं दी जानकारी: आयोग
आयोग ने कहा कि अभी तक एक भी जिलाधिकारी ने अमित शाह द्वारा फोन किये जाने की जानकारी चुनाव आयोग को नहीं दी है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया के संदेह से परे रखने के जरूरी है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद उन जिलाधिकारियों के नाम बताये, जिनको अमित शाह ने फोन किया था।
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तत्काल निवारण जरूरी
आयोग ने आरोप लगाया कि इस तरह के पोस्ट करने से चुनावी प्रक्रिया पर संदेह खड़ा होता है और आम जनता के हित में इसका तत्काल निवारण करना जरूरी है। जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में अमित शाह द्वारा जिलाधिकारियों फोन करने को चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताया और इसे भाजपा की हताशा करार दिया था।
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जयराम ने यह भी लिखा था कि चार जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा की विदाई और आईएनडीआईए की जीत तय है, इसीलिए अधिकारियों को डरने की जरूरत नहीं है और उन्हें संविधान के अनुसार अपना काम करना चाहिए। यह देखना होगा कि जयराम रमेश इन जिलाधिकारियों के नाम देते हैं या नहीं और नाम नहीं देने की स्थिति में चुनाव आयोग उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
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नई दिल्ली। अमित शाह द्वारा 150 से अधिक जिलाधिकारियों से फोन पर बात करने के कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के आरोप को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। चुनाव आयोग ने जयराम रमेश को इसके बारे में सबूत देने कहा है
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जयराम रमेश ने शनिवार की शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अमित शाह द्वारा जिलाधिकारियों को फोन कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरा होने तक सभी जिलाधिकारी आयोग के मातहत माने जाते हैं और नियम के मुताबिक उनके लिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की जानकारी तत्काल चुनाव आयोग को देना अनिवार्य है।
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जिलाधिकारियों ने नहीं दी जानकारी: आयोग
आयोग ने कहा कि अभी तक एक भी जिलाधिकारी ने अमित शाह द्वारा फोन किये जाने की जानकारी चुनाव आयोग को नहीं दी है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया के संदेह से परे रखने के जरूरी है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद उन जिलाधिकारियों के नाम बताये, जिनको अमित शाह ने फोन किया था।
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तत्काल निवारण जरूरी
आयोग ने आरोप लगाया कि इस तरह के पोस्ट करने से चुनावी प्रक्रिया पर संदेह खड़ा होता है और आम जनता के हित में इसका तत्काल निवारण करना जरूरी है। जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में अमित शाह द्वारा जिलाधिकारियों फोन करने को चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताया और इसे भाजपा की हताशा करार दिया था।
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जयराम ने यह भी लिखा था कि चार जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा की विदाई और आईएनडीआईए की जीत तय है, इसीलिए अधिकारियों को डरने की जरूरत नहीं है और उन्हें संविधान के अनुसार अपना काम करना चाहिए। यह देखना होगा कि जयराम रमेश इन जिलाधिकारियों के नाम देते हैं या नहीं और नाम नहीं देने की स्थिति में चुनाव आयोग उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
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