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: छत्तीसगढ़ में छापे पड़े तो दुबई भागा:​भिलाई के जूस वाले का 11 हजार करोड़ रुपए का अवैध कारोबार, अभी तक 400 गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में छापे पड़े तो दुबई भागा:भिलाई के जूस वाले का 11 हजार करोड़ रुपए का अवैध कारोबार, अभी तक 400 गिरफ्तार cglive24 news दुबई से ऑनलाइन सट्टा एप चल रहा है। महादेव सट्टा मामले की जांच ईडी पिछले 16 महीने से कर रही है। इस केस में कांग्रेसी नेता, पिछली सरकार के प्रभावशाली लोग, पुलिस अफसर और बड़े प्रॉपर्टी डीलर्स के नाम शामिल हैं। पुलिस ने अब तक इस मामले में 400 से ज्यादा आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है। cglive24 news भिलाई में जूस सेंटर चलाने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल महादेव ऑनलाइन बुक एप के मुख्य प्रमोटर हैं। दोनों 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का जाल फैला चुके हैं। दोनों दुबई से गतिविधियों का संचालन करते हैं। जहां सट्टा के पैसे से मॉल बन रहा है। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल हर ब्रांच को फ्रेंचाइजी के तौर पर बेचते थे। cglive24 news वहीं, ईडी और ईओडब्ल्यू ने सट्‌टेबाजी में रितेश कुमार यादव, राहुल वक्टे, एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, सुनील दम्मानी, भीम सिंह यादव, अमित अग्रवाल, अर्जुन सिंह यादव, नीतिश दीवान, किशनलाल वर्मा और सहदेव यादव समेत डेढ़ दर्जनसे ज्यादा लोगों को पकड़ा है। ये सीधे महादेव सट्टा एप के प्रमोटर यानी मुखिया के करीबी हैं और सीधे इस धंधे से जुड़े हैं। महादेव बुक के प्रमोटर ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम पैनल ऑपरेटर के जरिए करते हैं।मैनेजमेंट के वॉट्सएप नंबर पर रिक्वेस्ट मैसेज करता है। मैनेजमेंट का रिप्लाई आने पर ऑपरेटर पैनल चाहने वाला शख्स वॉट्सएप मैसेज अथवा कॉल के माध्यम से संपर्क करता है। पैनल या ब्रांच ऑपरेटर बनाने के नाम पर मैनेजमेंट की ओर से 25-30 लाख रुपए जमा करवाया जाता है। पैसा जमा होने और उसकी डिटेल मिलने के बाद मैनेजमेंट संबंधित व्यक्ति को लॉगिन एवं वेबसाइट आईडी व पासवर्ड देता है। फ्रेंचाइजी मॉडल के आधार पर पैनल या ब्रांच देकर पैनल ऑपरेटर बनाया जाता है। हर पैनल ऑपरेटर को एक मास्टर आईडी दी जाती है। इसके बाद ऑनलाइन सट्टे का प्रोसेस शुरू होता था। जब किसी को पैनल य ऐप खोलें नना होता है, तो वो किसी रेफरेंस से महादेव बुक के हेड ऑफिसमैनेजमेंट का रिप्लाई आने पर ऑपरेटर पैनल चाहने वाला शख्स वॉट्सएप मैसेज अथवा कॉल के माध्यम से संपर्क करता है। पैनल या ब्रांच ऑपरेटर बनाने के नाम पर मैनेजमेंट की ओर से 25-30 लाख रुपए जमा करवाया जाता है। पैसा जमा होने और उसकी डिटेल मिलने के बाद मैनेजमेंट संबंधित व्यक्ति को लॉगिन एवं वेबसाइट आईडी व पासवर्ड देता है। 500 से ज्यादा अवैध खाते मिले [caption id="attachment_7763" align="alignnone" width="300"] Oplus_0[/caption] पुलिस को अब तक छत्तीसगढ़ सहित देश के अलग-अलग शहरों में 500 से ज्यादा अवैध खाते मिले हैं। इन खातों के माध्यम से सट्‌टे का पैसों का ट्रांजेक्शन किया जा रहा है। इनमें कुछ खाते तो ऐसे हैं जिनमें लोगों को पता ही नहीं था और उनके खातों से करोड़ों का ट्रांजेक्शन हो रहा था। कुछ लोगों को उनके दोस्तों ने ही धोखा देकर खाते का संचालन अपने हाथ में ले लिया था। इन राज्यों में हो चुकी है कार्रवाई   रायपुर पुलिस ने रायपुर के अलावा कटनी, अनूपपुर, विशाखापट्‌टनम, ओडिशा, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र में भी कार्रवाई की थी। इस दौरान खातों को होल्ड कर और आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान बरामद रकम-सामान की कीमत 200 करोड़ से ज्यादा है। सिंडिकेट से 4000 से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। देश भर में इसकी 4000 ब्रांच संचालित हो रही हैं। अपने चालान में ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने संबंधित ब्यूरोक्रेट्स, पुलिस अफसर और ओएसडी जैसा नाम लिखा है। किसी भी अधिकारी को मामले में नामजद आरोपी नहीं बनाया है। सट्टेबाजों के सेलिब्रेशन में शामिल हुई फिल्मी हस्तियों को भी नोटिस   महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में मुंबई पुलिस ने भी केस दर्ज किया है। इसमें अभिनेता साहिल खान को गिरफ्तार किया है। इस मामले में भी ईडी ने सिंगर नेहा कक्कड़ समेत डेढ़ दर्जन फिल्मी हस्तियों को नोटिस जारी किया था, जो महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर व रवि उप्पल की पार्टी में दुबई गए थे। ऐसे चल रहा सट्टा: रैकेट चलाने वालों की अलग-अलग जिम्मेदारी महादेव सट्टा के प्रमोटर्स: सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और शुभम सोनी उर्फ पिंटू प्रमोटर्स है। तीनों दुबई में शिफ्ट हो गए हैं। हेड ऑफिस संभालने वाले: रोहित तिर्की, अभिषेक सिंह (भिलाई) राघव गौतम गुजरात, गौरव सोनी, हरीश पेद्दी, हेमंत बारा। अकाउंट ग्रुप: चंद्रकुमार रुपवानी उर्फ चंदर रायपुर, अमित शाह, अंकित शाह मुंबई, रोहित गुलाटी दिल्ली, सौरभ आहूजा भिलाई, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा भोपाल बैंक खाता, पैनल की देखरेख, यात्रा और हवाला का काम करते हैं। समझिए... महादेव सट्‌टा एप का पूरा खेल [caption id="attachment_7274" align="alignnone" width="300"] Oplus_131072[/caption] केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सट्‌टे पर बैन लगाने के बाद इसे ऑनलाइन गेमिंग के तौर शुरू किया गया है। इसमें लाइव क्रिकेट और फुटबॉल के अलावा ताश-पत्ती व लूडो पर दांव लिया जाता है। इंटरनेट पर महादेव सट्‌टा एप सर्च करने पर कुछ मोबाइल नंबर डिस्प्ले होते हैं। उन नंबरों पर कॉल करने पर रजिस्ट्रेशन का मैसेज आने के साथ कुछ रुपए यानी 100 से 500 तक जमा करने को कहा जाता है। [caption id="attachment_7764" align="alignnone" width="300"] Oplus_0[/caption] ऐसा करने के बाद फिर वाट्सअप नंबर मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से पहुंचता है। उन नंबरों पर अपनी पसंद के गेम पर दांव लगाए जा सकते हैं। मैसेज में खाता नंबर देकर प्रोटेक्शन मनी के तौर पर कुछरुपए जमा करने को भी कहा जाता है। सिक्योरिटी मनी जमा करने वालों का ही दांव महादेव सट्‌टा एप स्वीकार करता है। दांव लगने पर सटोरिये के खाते में पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाते हैं। 30-40 लाख में बांटे पैनल : प्रमोटर ने सट्टे का पैनल बांटना शुरू किया। 30-40 लाख रुपए लेकर पैनल बांटा जा रहा है। पैनल लेने वाले सीधे सटोरियों के दांव लेते हैं। पैनल चलाने वालों को हर दांव के एवज में कुछ रुपए प्रमोटर को भेजना पड़ता है। इस तरह ये रैकेट कई राज्यों में फैल गया है।  

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