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: लोकसभा चुनाव के पहले चरण में वोटिंग ट्रेंड के क्या मायने? क्या BJP पूरा कर पाएगी मिशन 370

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में वोटिंग ट्रेंड के क्या मायने? क्या BJP पूरा कर पाएगी मिशन 370 पिछले चुनाव की तुलना में कई राज्यों में वोट प्रतिशत में भारी गिरावट देखने को मिली है. बीजेपी के मजबूत राज्य राजस्थान, मध्यप्रदेश और यूपी में भी मत प्रतिशत में गिरावट दर्ज किए गए हैं. [caption id="attachment_6707" align="alignnone" width="284"] Oplus_131072[/caption] Cglive24 NEWS नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 (Lok sabha election 2024) के लिए 7 चरण में देश में मतदान होने हैं. पहले चरण के लिए देश की 21 राज्यों की 102 सीटों पर लगभग 64 प्रतिशत वोट डाले गए हैं. पिछले चुनाव की तुलना में मतदान का प्रतिशत इस चुनाव में कम देखने को मिला है. पिछले चुनाव में लगभग 70 प्रतिशत मतदान हुए थे. देश में त्रिपुरा को छोड़कर किसी भी राज्य में मतदान का आंकड़ा 80 प्रतिशत तक नहीं पहुंचा है. सबसे अधिक त्रिपुरा में 80.6 प्रतिशत वोट डाले गए. बंगाल में लगभग 78 प्रतिशत मतदान की सूचना है. वहीं पूरे देश में सबसे कम मतदान बिहार में देखने को मिला. बिहार में महज 47.50 प्रतिशत वोटिंग की खबर है. ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि वोटर्स मतदान केंद्र तक क्यों नहीं पहुंचे? [caption id="attachment_6691" align="alignnone" width="300"] Oplus_0[/caption] Cglive24 NEWS मतदाताओं में 2019 और 2014 वाला नहीं दिखा उत्साह भारतीय जनता पार्टी के लिए चिंता बढ़ सकती है क्योंकि राष्ट्रीय राजनीति में मोदी युग के उदय के बाद वोट प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली थी. 2014 और 2019 में मत प्रतिशत अच्छे रहे थे. इस चुनाव में बीजेपी ने अपने लिए मिशन 370 का लक्ष्य रखा है. बीजेपी की तरफ से इस बात के दावे लगातार होते रहे हैं कि पार्टी आसानी से इस लक्ष्य तक पहुंच जाएगी. [caption id="attachment_6692" align="alignnone" width="300"] Oplus_0[/caption] Cglive24 NEWS उत्तर भारत के राज्यों में भी कम वोटिंग के क्या हो सकते हैं परिणाम? बीजेपी की तरफ से मिशन 370 को लेकर यह माना जा रहा था कि बीजेपी अपने मजबूत राज्य यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश में पहले से ही बेहतर हालात में है. वहीं उसे उम्मीद है कि इन राज्यों में वो एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करेगी और 2014, 2019 की तरह ही शानदार प्रदर्शन करेगी. हालांकि मतदान प्रतिशत में हुई बड़ी गिरावट के बाद बीजेपी नेतृत्व की परेशानी बढ़ सकती है. [caption id="attachment_6693" align="alignnone" width="300"] Oplus_0[/caption] Cglive24 NEWS क्या मिशन साउथ के चक्कर में नॉर्थ के राज्यों में होगा नुकसान? बीजेपी इस चुनाव में मिशन साउथ को लेकर बेहद एक्टिव नजर आयी है. पीएम मोदी की तरफ से दक्षिण के राज्यों में लगातार सभा की जा रही है. बीजेपी को 370 के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए किसी भी हालत में दक्षिण भारत के राज्यों में भी उत्तर भारत की सफलता के साथ ही अच्छा प्रदर्शन करना होगा. हालांकि ऐसे में सवाल यह उठ रहे हैं कि क्या मिशन साउथ के चक्कर में बीजेपी की तैयारी राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में कमी रह गयी. बीजेपी के मजबूत राज्यों में भी वोटर्स में क्यों नहीं है उत्साह? बिहार में पिछले लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर लगभग 53 प्रतिशत मतदान हुए थे वहीं इस चुनाव में लगभग 47 प्रतिशत वोट ही पड़े हैं. बात अगर उत्तर प्रदेश की करें तो इस चरण में जिन सीटों पर मतदान हुए हैं उन सीटों पर पिछले चुनाव में लगभग 67 प्रतिशत मतदान हुए थे. वहीं इस बार 57 प्रतिशत वोट ही पड़े हैं. मध्य प्रदेश में भी पिछले चुनाव की तुलना में इस चुनाव में वोट प्रतिशत में भारी गिरावट देखने को मिले हैं. Cglive24 NEWS कम मतदान से कई बार सत्ताधारी दलों को हुआ है फायदा हालांकि एक तरफ जहां कम मतदान को लेकर कुछ जानकार बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बता रहे हैं. वहीं कुछ आंकड़ें बताते हैं कि चुनाव में कम मतदान होना इस बात के संकेत हो सकते हैं कि जनता बदलाव नहीं चाहती है. कई बार ऐसा राज्यों के चुनावों में देखा गया है कि जब बंपर वोटिंग हुई है तो सत्ता में बदलाव हुए हैं. सरकार को बदलने के लिए अधिक मतदान होते रहे हैं. कम मतदान का लाभ सत्ताधारी दलों को मिला है. मतदान प्रतिशत में गिरावट से बदलती रही है सरकार पिछले 12 में से 5 चुनावों में मतदान प्रतिशत में गिरावट देखने को मिले है. जब-जब मतदान प्रतिशत में कमी हुई है 4 बार सरकार बदल गयी है. वहीं एक बार सत्ताधारी दल की वापसी हुई है. 1980 के चुनाव में मतदान प्रतिशत में गिरावट हुई और जनता पार्टी की सरकार सत्ता से हट गयी. जनता पार्टी की जगह कांग्रेस की सरकार बन गयी. वहीं 1989 में एक बार फिर मत प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गयी और कांग्रेस की सरकार चली गयी. विश्वनाथ प्रताप सिंह के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी. 1991 में एक बार फिर मतदान में गिरावट हुई और केंद्र में कांग्रेस की वापसी हो गयी. 1999 में मतदान में गिरावट हुई लेकिन सत्ता में परिवर्तन नहीं हुआ. वहीं 2004 में एक बार फिर मतदान में गिरावट का फायदा विपक्षी दलों को मिला. छिटपुट घटनाओं के बीच देश में शांतिपूर्ण हुआ मतदान लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 सीटों पर शुक्रवार को शाम सात बजे तक 60.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इस दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाएं सामने आईं, वहीं छत्तीसगढ़ में एक ग्रेनेड लांचर के गोले में दुर्घटनावश विस्फोट होने से सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई. निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि मतदान का आंकड़ा अभी केवल अनुमान आधारित है और मतदान शांतिपूर्ण एवं निर्बाध तरीके से हुआ. Cglive24 NEWS लोकसभा चुनाव के साथ शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव के लिए भी मतदान किया जा रहा है. विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहली बार मतदान करने वालों में विवाह परिधान में आए कई नवविवाहित जोड़े, दिव्यांग लोग और स्ट्रेचर तथा व्हीलचेयर पर आए कुछ बुजुर्ग शामिल थे. Cglive24 NEWS

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