केंद्र सरकार से हमारी मांगे निम्नलिखित हैं। : सेल और आर आई एन एल के किसी भी यूनिट में विनिवेश और निजीकरण नहीं किया
Vinod Prasad Sat, Jul 5, 2025
केंद्र सरकार द्वारा जनविरोधी, उद्योग विरोधी नीतियों रोजगार संबंधों पर आक्रामक रवैया संगठित और अजित संहिताओं के पुनर्गठन के विरोध में एवं कामगार वर्ग के बा के रोजगार को अस्थिर और अनिक्षित बनाने के उद्देश्य से श्रम संहिताओं लगातार हमलों के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशनों उद्योग आधारित सेंटल टेड यूनियनों द्वारा लाईक का आह्वान किया गया है।
केंद्र सरकार से हमारी मांगे निम्नलिखित हैं।
मजदूर विरोधी चारों श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द किया जाए।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों व सरकारी विभागों का निजीकरण बंद किया जाए।
सेल और आर आई एन एल के किसी भी यूनिट में विनिवेश और निजीकरण नहीं किया जाए साथ ही लौह अयस्क और कोयला सहित अन खदानों का निजीकरण बंद किया जाए।
सभी सरकारी रिक्त पदों में तत्काल स्थाई कर्मियों की भर्ती की जाए।
स्थाई नौकरियों के लिए ठेका/आउटसोर्सिंग / अनुबंध आधारित भर्ती बंद किया जाए।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों ठेका कर्मचारी और योजना कर्मचारीयों सहित सभी कर्मियों के लिए 26000/- रूपए प्रति माहराष्ट्रीय न्यूनतम वेतन
सुनिश्चित किया जाए।
सेल के ठेका कर्मचारियों का वेतन समझौता तत्काल किया जाए।
सभी श्रेणियों के श्रमिकों जैसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों कषि क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर इत्यादि सभी वर्ग के कामगारों को 9000/-रूप
न्यूनतम पेंशन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए।
उच्च वेतन पर पेंशन भुगतान मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को "ईपीएफओ से छूट प्राप्त कंपनी आधारित ट्रस्ट' के कर्मचारीयों सहित
सभी कर्मचारियों के लिए बिना किसी भेदभाव के हायर पेंशन लागू किया जाए।
ठेका कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन के साथ सभी तरह की सुविधाएं दिया जाए।
प्रानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए। एनपीएस और यूपीएस को रद्द किया जाए।
सेल के कर्मचारियों पर केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई अफॉडेबिलिटी क्लास को हटाते हुए 39 माह के बकाया एरियर सहित अन्य मुद्दों का तत्कालन
निराकरण किया जाए।
बोनस, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी के भुगतान और पात्रता पर केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई सभी ऊपरी सीमाओं को समाप्त किया जाए। सेल के
कर्मचारियों की ग्रेच्युटी को एकतरफा सीमित करने का निर्णय वापस लिया जाए।
आर आई एन एल सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत ठेका श्रमिकों की छटनी बंद की जाए।
45 दिनों के भीतर ट्रेड यूनियन पंजीकरण पूरा किया जाए। आईएलओ कन्वेंशन C 87 और C 98 का तुरंत अनुमोदन किया जाए।
बिजली संशोधन विधायक 2022 वापस ले, बिजली का निजीकरण बंद करो।
सभी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता सुनिश्चित किया जाए। नई शिक्षा नीति को समाप्त करो।
जल-जंगल-जमीन का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। वन संरक्षण अधिनियम में संशोधन वापस लिया जाए।
सभी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए।
अमीरों पर टैक्स लगाओ, कॉरपोरेट टैक्स बढ़ाया जाए, धन और विरासत टैक्स फिर से लागू करो।
संविधान की बुनियादी संरचनाओं पर हमला करना बंद करो।
काम करने के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दिया जाए। मनरेगा के माध्यम से 200 दिन का काम सुनिक्षित और न्यूनतम
मजदूरी 600 रूपए दिया जाए।
महंगाई पर नियंत्रण किया जाए। आवश्यक वस्तुओं से जीएसटी हटाया जाए। पेट्रोल डीजल और रसोई गैस पर शुल्क कम किया जाए।
आप सभी साथियों से अपील करते हैं कि 9 जुलाई 2025 को किए जा रहे देशव्यापी हड़ताल में शामिल होकर इसे सफल बनाएं क्योंकि आने वाले दिनों में यह आम हड़ताल हमारे देश के श्रमिक वर्ग के आंदोलन के लिए एवं उनके बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।
संयुक्त ट्रेड यूनियन जिंदाबाद, कर्मचारी एकता जिंदाबाद, इंकलाब जिन्दाबाद
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