: कलेक्टर ने PMO की 1 घंटे क्लास ली:वाटर कूलर बंद, रैंप टूटा, मच्छर भिनभिनाते मिले, पैसे लेकर मरीज से मिलाने का बड़ा आरोप
Admin Tue, Sep 24, 2024
कलेक्टर ने PMO की 1 घंटे क्लास ली:वाटर कूलर बंद, रैंप टूटा, मच्छर भिनभिनाते मिले, पैसे लेकर मरीज से मिलाने का बड़ा आरोप
जनाना अस्पताल के मुख्य गेट के पास गंदा पानी भरा मिला और मच्छरों की भरमार।
जनाना अस्पताल के मुख्य गेट के पास गंदा पानी भरा मिला और मच्छरों की भरमार।
कलेक्टर अर्तिका शुक्ला शहर की सफाई के साथ अब जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल, जनाना अस्पताल व शिशु वार्ड को बेहतर करने निकल पड़ी है। रविवार सुबह कलेक्टर ने करीब 1 घंटे से अधिक समय तीनों अस्पतलों का मौका देखा। जिला अस्पताल का हाल अधिक खराब मिला तो कई बार PMO को सख्त लहजे में सुधार करने के निर्देश देने पड़े। ट्रोम के बाहर रैंप टूटा मिला।
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सामने लगा वाटर कूलर बंद मिला। बिल्डिंग की दीवार क्षतिग्रस्त मिली। ओपीडी काउंटर पर पर्ची काटने का सिस्टत अच्छा नहीं था। वार्ड में बेड पर गंदगी मिली। यह सब देख कलेक्टर ने PMO के प्रति नाराजगी जतार्ह। वहीं जनाना अस्पताल में पहुंची तो मुख्य गेटपर गंदा पानी भरा मिला और मच्छर भिनभिनाते मिले। वहीं मदर मिल्क वार्ड व आईसीयू वार्ड की तारीफ की
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मुख्य गेट के बाहर से पैदल निकली कलेक्टर
कलेक्टर शुक्ला सुबह सबसे पहले जिला अस्पताल के मुख्य गेट से पैदल-पैदल सेंट्रल लैब के सामने पहुंची। सबसे पहले रैंप टूटा मिला। तुरंत PMO से कहा कि तीन दिन में सही हो जाना चाहिए। ट्रोमा के सामने वाटर कूल खराब मिला। जिसे दुरुस्त करने को कहा।
ओपीडी काउंटर पर कलेक्टर पहुंची। ओपीडी की पर्ची की लाइन को देखकर कहा कि टोकन के आधार पर नंबर आए। डिस्प्ले पर नंबर दिखे। ऐसा होना चाहिए। उसके बाद एक्सरे-रूम में पहुंची। वहां CCTV कैमरे बंद मिले। कुछ CCTV कैमरों की दिशा गलत थी। इन दोनों को कुछ दिन में दुरुस्त करने को कहा। उसके बाद दवा वितरण केंद्र पर पहुंची। वहां लाइन लगी मिली। लेकिन मुख्यमंत्री नि:शुल्क योजना के तहत मिलने वाली दवाओं कोबोर्ड लगा नहीं मिला। न दवाओं का नाम लिखा मिला।
नर्सिंग के जिम्मेदार को बाहर बुलाया। उसके बाद टायलेट के बाहर पहुंची। वहां क्यूआर कोड के आधार पर शिकायत करने का सिस्टम ठप मिला। इसके बाद पीएमओ टालमटोल करने लगे। तब जिम्मेदार अधिकारी को बुलाने काे कहा। लेकिन उसकी कोई जिम्मेदारी लेने नहीं आया। तब कलेक्टर ने PMO को फटकारा कि तुरंत क्यूआरकोड लगाकर जिम्मेदारी तय करें।
सर्जिकल वार्ड में बेड पर गंदगी मिली
इसके बाद कलेक्टर हैवल्स के गोद लिए हुए वार्ड के बाहर पहुंची। वहां मरीज के बगल में परिजन नहीं होने कहा। इसके बाद महिला सर्जिकल वार्ड में पहुंची। वहां बेड पर गंदगी लगी। जिस पर नर्सिंगकर्मियोां को सफाई करने की हिदायत दी। इसके पीछे के गेट से जनाना अस्पताल की तरफ निकली। अस्पताल के बाहर भी साफ सफाई कराने के निर्देश दिए। कार्यवाहक आयुक्त को सफाई तुरंत उठवाने को कहा। दुकानदारों को कचरा पात्र रखने को कहा।
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जनाना अस्पताल के गेट के पास ही गंदा पानी और मच्छर
जनाना अस्पताल में प्रवेश करते ही गड्ढे में गंदा पानी भरा मिला और मच्छर मिले। इस पर पीएमओ से कहा कि यह सब बर्दाश्त नहीं हो सकता। गंदे पानी की निकासी नहीं हुई है। वहीं मच्छर मारने की दवा नहीं डालने पर नाराजगी जताई। इसके बाद मदर मिल्क वार्ड में पहुंची। वहां सब व्यवस्था अच्छी मिली। महिला अस्पताल में ICU वार्ड में सफाई मिली। पीएमओ से कहा कि इनसे सीखो। बाद में शिशु अस्पताल में पहुंची। वहां छत का प्लास्टर जड़ा मिला। उसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए।
कुपोषित बच्चों के लिए अच्छा माहौल बनाएंकलेक्टर ने शिशु अस्पताल में कुपोषित बच्चों का वार्ड देखा। वहां देखने के बाद कलेक्टर ने कहा कि इन बच्चों के लिए खेलने का माहौल हो। खाने-पीने का संतुलन हो। इसके लिए एक जगह को डवलप किया जाए। ताकि इन बच्चों को यह नहीं लगे कि वे मरीज हैं।
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जनाना अस्पताल के मुख्य गेट के पास गंदा पानी भरा मिला और मच्छरों की भरमार।
जनाना अस्पताल के मुख्य गेट के पास गंदा पानी भरा मिला और मच्छरों की भरमार।
कलेक्टर अर्तिका शुक्ला शहर की सफाई के साथ अब जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल, जनाना अस्पताल व शिशु वार्ड को बेहतर करने निकल पड़ी है। रविवार सुबह कलेक्टर ने करीब 1 घंटे से अधिक समय तीनों अस्पतलों का मौका देखा। जिला अस्पताल का हाल अधिक खराब मिला तो कई बार PMO को सख्त लहजे में सुधार करने के निर्देश देने पड़े। ट्रोम के बाहर रैंप टूटा मिला।
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सामने लगा वाटर कूलर बंद मिला। बिल्डिंग की दीवार क्षतिग्रस्त मिली। ओपीडी काउंटर पर पर्ची काटने का सिस्टत अच्छा नहीं था। वार्ड में बेड पर गंदगी मिली। यह सब देख कलेक्टर ने PMO के प्रति नाराजगी जतार्ह। वहीं जनाना अस्पताल में पहुंची तो मुख्य गेटपर गंदा पानी भरा मिला और मच्छर भिनभिनाते मिले। वहीं मदर मिल्क वार्ड व आईसीयू वार्ड की तारीफ की
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मुख्य गेट के बाहर से पैदल निकली कलेक्टर
कलेक्टर शुक्ला सुबह सबसे पहले जिला अस्पताल के मुख्य गेट से पैदल-पैदल सेंट्रल लैब के सामने पहुंची। सबसे पहले रैंप टूटा मिला। तुरंत PMO से कहा कि तीन दिन में सही हो जाना चाहिए। ट्रोमा के सामने वाटर कूल खराब मिला। जिसे दुरुस्त करने को कहा।
ओपीडी काउंटर पर कलेक्टर पहुंची। ओपीडी की पर्ची की लाइन को देखकर कहा कि टोकन के आधार पर नंबर आए। डिस्प्ले पर नंबर दिखे। ऐसा होना चाहिए। उसके बाद एक्सरे-रूम में पहुंची। वहां CCTV कैमरे बंद मिले। कुछ CCTV कैमरों की दिशा गलत थी। इन दोनों को कुछ दिन में दुरुस्त करने को कहा। उसके बाद दवा वितरण केंद्र पर पहुंची। वहां लाइन लगी मिली। लेकिन मुख्यमंत्री नि:शुल्क योजना के तहत मिलने वाली दवाओं कोबोर्ड लगा नहीं मिला। न दवाओं का नाम लिखा मिला।
नर्सिंग के जिम्मेदार को बाहर बुलाया। उसके बाद टायलेट के बाहर पहुंची। वहां क्यूआर कोड के आधार पर शिकायत करने का सिस्टम ठप मिला। इसके बाद पीएमओ टालमटोल करने लगे। तब जिम्मेदार अधिकारी को बुलाने काे कहा। लेकिन उसकी कोई जिम्मेदारी लेने नहीं आया। तब कलेक्टर ने PMO को फटकारा कि तुरंत क्यूआरकोड लगाकर जिम्मेदारी तय करें।
सर्जिकल वार्ड में बेड पर गंदगी मिली
इसके बाद कलेक्टर हैवल्स के गोद लिए हुए वार्ड के बाहर पहुंची। वहां मरीज के बगल में परिजन नहीं होने कहा। इसके बाद महिला सर्जिकल वार्ड में पहुंची। वहां बेड पर गंदगी लगी। जिस पर नर्सिंगकर्मियोां को सफाई करने की हिदायत दी। इसके पीछे के गेट से जनाना अस्पताल की तरफ निकली। अस्पताल के बाहर भी साफ सफाई कराने के निर्देश दिए। कार्यवाहक आयुक्त को सफाई तुरंत उठवाने को कहा। दुकानदारों को कचरा पात्र रखने को कहा।
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जनाना अस्पताल के गेट के पास ही गंदा पानी और मच्छर
जनाना अस्पताल में प्रवेश करते ही गड्ढे में गंदा पानी भरा मिला और मच्छर मिले। इस पर पीएमओ से कहा कि यह सब बर्दाश्त नहीं हो सकता। गंदे पानी की निकासी नहीं हुई है। वहीं मच्छर मारने की दवा नहीं डालने पर नाराजगी जताई। इसके बाद मदर मिल्क वार्ड में पहुंची। वहां सब व्यवस्था अच्छी मिली। महिला अस्पताल में ICU वार्ड में सफाई मिली। पीएमओ से कहा कि इनसे सीखो। बाद में शिशु अस्पताल में पहुंची। वहां छत का प्लास्टर जड़ा मिला। उसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए।
कुपोषित बच्चों के लिए अच्छा माहौल बनाएंकलेक्टर ने शिशु अस्पताल में कुपोषित बच्चों का वार्ड देखा। वहां देखने के बाद कलेक्टर ने कहा कि इन बच्चों के लिए खेलने का माहौल हो। खाने-पीने का संतुलन हो। इसके लिए एक जगह को डवलप किया जाए। ताकि इन बच्चों को यह नहीं लगे कि वे मरीज हैं।
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