BREAKING NEWS

का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा - साय

मोदोल लाइब्रेरी चारामा का शुभारंभ

की करेंगे समीक्षा, राजधानी में दो दिनों तक लेंगे मैराथन बैठक

तब राज्य होता है मजबूत - मंत्री राजवाड़े

को मिलेगी मजबूती, जशपुर सहित कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9753200176 है।

: दुर्ग में रिश्वतखोर अफसरों को ACB ने दबोचा

दुर्ग में रिश्वतखोर अफसरों को ACB ने दबोचा cglive24 news https://youtu.be/lqvZkTlj8kY?si=4PNXaGkdrXMu0uyU दुर्ग में रिश्वतखोर अफसरों को ACB ने दबोचा ₹ 103.48 Nilmani Pal11 Sept 2024 3:35 PM रायपुर raipur news। छत्तीसगढ़ एसीबी ने रिश्वत लेते रंगे हाथ दो अधिकारियों को पकड़ा है। अधिकारियों के द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारी से 10 हजार की मांग की गई थी। आज 6 हजार रूपये नगदी लेते एसीबी की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा है। ACB प्रार्थी देवव्रत देवांगन, निगम सचिव के पद पर नगर पालिक निगम, रिसाली, भिलाई में पदस्थ था। उसने एन्टी करप्शन ब्यूरो रायपुर के कार्यालय में शिकायत की थी कि सेवानिवृत्त होने के पश्चात् भी उसका पदोन्नत पद पर वेतन निर्धारण / सत्यापन उप-संचालक, राज्य संपरीक्षा कार्यालय, दुर्ग में लंबित था, जिस वजह से उसका पेन्शन एवं अन्य देयताएं नहीं मिल पा रही थी। प्रार्थी राज्य संपरीक्षा कार्यालय, दुर्ग में पदस्थ आरोपीगण दिनेश कुमार, उप संचालक (संपरीक्षा), एवं होमन कुमार, सहायक संपरीक्षक से कई बार मिला किन्तु उनके द्वारा सत्यापन नहीं किया जा रहा था। बल्कि 10,000 रू रिश्वत की मांग की जा रही थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देता चाहता था, बल्कि रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन के दौरान प्रार्थी के निवेदन पर आरोपीगण 6000 रिश्वत लेने को सहमत हुए। आज दिनांक 11.09.2024 को ट्रेप आयोजित कर राज्य संपरीक्षा कार्यालय, दुर्ग में पदस्थ आरोपी दिनेश कुमार, उप संचालक (वित्त) एवं आरोपी होमन कुमार, सहायक संपरीक्षक को 6000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।    

विज्ञापन

जरूरी खबरें