: बारह साल चलता भिलाई के विकास का पहिया सुपेला अंडर ब्रिज में आ धंसा क्या अब आप निकालने मदद करेंगे... ?
सीजीललाइव24 न्यूज आनलाईन डेस्क, 21 जुलाई। आज के ही दिन 12 वर्ष पूर्व बरसात में पटरी पार आवाजाही के लिए अंडर ब्रिज बंद था और इत्तेफाक से आज सवा दशक बाद भी सुपेला में आवाजाही का यह रास्ता बंद ही मिला। चाहे शहर सरकार हो, राज्य के राजा की सरकार हो या केन्द्र में देश के महाराजाधिराज सत्ता संभाल रहे हों बस चेहरे और दल भले बदलते रहे लेकिन कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आम इंसान सदियों से परेशान होता रहा है और होता भी रहे। शायद इसी मर्म को समझते हुए किसी ने सम्पूर्ण जीवन को ही सुख दुःख की पोटली कहा था। यह अलग बात है कि दुःख और ऐसी परेशानियों से हमेशा निचले तबके को ही दो-दो हाथ करना पड़ा है और वो हर बार जिस तरह गुहार लगाते रहे ठीक उसी तरह झोलियां भर भर कर आश्वासन उन्हें मिलता जरुर है। मगर बनियादी सच यही है कि समस्याएं इस तबके
सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 21 जुलाई। आज के ही दिन 12 वर्ष पूर्व बरसात में पटरी पार आवाजाही के लिए अंडर ब्रिज बंद था और इत्तेफाक से आज सवा दशक बाद भी सुपेला में आवाजाही का यह रास्ता बंद ही मिला। चाहे शहर सरकार हो, राज्य के राजा की सरकार हो या केन्द्र में देश के महाराजाधिराज सत्ता संभाल रहे हों बस चेहरे और दल भले बदलते रहे लेकिन कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आम इंसान सदियों से परेशान होता रहा है और होता भी रहे। शायद इसी मर्म को समझते हुए किसी ने सम्पूर्ण जीवन को ही सुख दुःख की पोटली कहा था। यह अलग बात है कि दुःख और ऐसी परेशानियों से हमेशा निचले तबके को ही दो-दो हाथ करना पड़ा है और वो हर बार जिस तरह गुहार लगाते रहे ठीक उसी तरह झोलियां भर भर कर आश्वासन उन्हें मिलता जरुर है। मगर बनियादी सच यही है कि समस्याएं इस तबकेदर्द समझ सकें, उनका यही रवैया केवल भिलाई या छत्तीसगढ़ का नहीं बल्कि पूरे देश का है।
बहरहाल एक बार फिर छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव और उसके ठीक बाद लोकसभा चुनाव होने हैं और फिर एक दिन शहर की सरकार चुनने का भी मौका सभी को मिलेगा । भिलाई की बात करें तो ऐसा नहीं है कि भिलाई में विकास नहीं हुआ मगर कुछ दीगर समस्याएं अब भी सदियों से भिलाई की दशा और दिशा पर दाग सी ही प्रतीत होती हैं। किसी भी समस्या को खत्म करने में अगर दसियों साल लग जाएं और नतीजा सिफर" सा दिखाई दे तो सहज ही अंदाजा लगता है कि विकास का पहिया ऐसे ही किसी अंडर ब्रिज में जा धंसा है जिसके ऊपर जिम्मेदार लोग कुछ भी टीका टिप्पणी से बचते हुए समस्याओं का ठीकरा एक दूसरे के सिर पर फोड़ते ठीक उसी तरह दिखाईपड़ते हैं जैसे अंडर ब्रिज की यह तस्वीर भिलाई के 12 वर्षीय विकास की पोल खोलअब आपको फाईलों के हिसाब से “विकास” भी बता दें – लगातार हुई बारिश से प्रियदर्शिनी परिसर सुपेला वाले अंडरब्रिज में पानी भर गया है। यहां स्टापर लगाकर आना-जाना बंद करवा दिया गया है। सुबह से लोग अंडरब्रिज तक पहुंच कर लौट रहे हैं। सुपेला रेलवे क्रासिंग पर अंडरब्रिज निर्माण कार्य चल रहा है वहीं नेहरू नगर अंडरब्रिज से आवागमन चौक पर सौंदर्यीकरण के नाम पर रोक दिया गया है। चंद्रा-मौर्या वाला अंडरब्रिज हल्के बारिश में ही साथ देना बंद कर देता है। इन परिस्थितियों में पटरी पार आने-जाने के लिए फिलहाल नेहरू नगर ओवर ब्रिज ही विकल्प बचा है जो कि 12 साल पहले नहीं था और तब लोग पावर हाउस से निकल कर क्रासिंग पार करते दूसरी तरफ आवाजाही करते थे और 12 साल बाद नेहरू नगर ओवर ब्रिज की चढ़ाई पार कर वो आ-जा सकते हैं वैसे एक जरूरी बात यह भी कि आज दिन भर बारिश हुई तो संकट और गहरा सकता है।
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