दुर्ग। दुर्ग जिला कांग्रेस प्रभारी और राज्य खनिज विकास निगम अध्यक्ष गिरीश देवांगन ने ट्रेनों के परिचालन लगातार रद्द होने के लिए केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को राजीव भवन दुर्ग में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सबसे सस्ती व सुलभ यात्री सेवा रेलवे की विश्वसनीयता को खत्म करने मोदी सरकार ने षड्यंत्र रचा है। इसलिए बगैर किसी वजह के अचानक ट्रेनों का परिचालन बार-बार रद्द किया जा रहा है। यह कर के मोदी सरकार लोगों में रेल सेवा की विश्वसनीयता खत्म करना चाहती है, ताकि वे अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए रेलवे की सेवा को आसानी से निजी हाथों को बेच सके। श्री देवांगन ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में ट्रेनों का परिचालन खासकर रद्द किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रेलवे की यात्री सेवा को दुरुस्त बनाने बार-बार प्रधानमंत्री व रेलमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह कर चुके हैं, बावजूद रेल की व्यवस्था में सुधार नहीं आया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के साथ मोदी सरकार की यह उपेक्षा व भेदभाव अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई गई है। जिसके प्रथम चरण में 10, 11व 12 सितंबर को सार्वजनिक स्थानों पर पंपलेट वितरण व पोस्टर चस्पा कर ट्रेन परिचालन लगातार रद्द होने के खिलाफ जागरण अभियान चला जाएगा।आंदोलन के तहत 13 सितंबर को दोपहर 12बजे दुर्ग रेलवे स्टेशन में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम अध्यक्ष गिरिश देवांगन ने बताया कि पिछले साढ़े तीन साल में 67382 ट्रेनों को रदद किया गया। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में 32757 ट्रेनें,वर्ष 2021 में 32151 ट्रेनें, वर्ष 2022 में 2474 ट्रेन, वर्ष 2023 में (अप्रैल माह तक) 208 ट्रेनें निरस्त की गई है। वर्तमान में 24 ट्रेनें अगस्त 2023 के अंतिम तक रद्द की गई है। । श्री देवांगन ने कहा कि भाजपा राज में रेलवे में मिलने वाली बुजुगों और छात्रों की रियायत खत्म हो गई
–मोदी सरकार ने रेलवे की विश्वसनीयता खत्म करने रची है साजिश – गिरीश देवांगनदुर्ग। दुर्ग जिला कांग्रेस प्रभारी और राज्य खनिज विकास निगम अध्यक्ष गिरीश देवांगन ने ट्रेनों के परिचालन लगातार रद्द होने के लिए केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को राजीव भवन दुर्ग में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सबसे सस्ती व सुलभ यात्री सेवा रेलवे की विश्वसनीयता को खत्म करने मोदी सरकार ने षड्यंत्र रचा है। इसलिए बगैर किसी वजह के अचानक ट्रेनों का परिचालन बार-बार रद्द किया जा रहा है। यह कर के मोदी सरकार लोगों में रेल सेवा की विश्वसनीयता खत्म करना चाहती है, ताकि वे अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए रेलवे की सेवा को आसानी से निजी हाथों को बेच सके। श्री देवांगन ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में ट्रेनों का परिचालन खासकर रद्द किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रेलवे की यात्री सेवा को दुरुस्त बनाने बार-बार प्रधानमंत्री व रेलमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह कर चुके हैं, बावजूद रेल की व्यवस्था में सुधार नहीं आया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के साथ मोदी सरकार की यह उपेक्षा व भेदभाव अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाई गई है। जिसके प्रथम चरण में 10, 11व 12 सितंबर को सार्वजनिक स्थानों पर पंपलेट वितरण व पोस्टर चस्पा कर ट्रेन परिचालन लगातार रद्द होने के खिलाफ जागरण अभियान चला जाएगा।आंदोलन के तहत 13 सितंबर को दोपहर 12बजे दुर्ग रेलवे स्टेशन में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम अध्यक्ष गिरिश देवांगन ने बताया कि पिछले साढ़े तीन साल में 67382 ट्रेनों को रदद किया गया। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में 32757 ट्रेनें,वर्ष 2021 में 32151 ट्रेनें, वर्ष 2022 में 2474 ट्रेन, वर्ष 2023 में (अप्रैल माह तक) 208 ट्रेनें निरस्त की गई है। वर्तमान में 24 ट्रेनें अगस्त 2023 के अंतिम तक रद्द की गई है। । श्री देवांगन ने कहा कि भाजपा राज में रेलवे में मिलने वाली बुजुगों और छात्रों की रियायत खत्म हो गई है।
किराए में बेतहाशा वृद्धि, प्लेटफार्म टिकिट तक में कई गुना वसूली, दैनिक यात्री सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी, पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं, कामगार नौकरीपेशा आम यात्री मोदी राज में उपेक्षित है। श्री देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लाखों रेल यात्रियों, छोटे कामगार, नौकरीपेशा, छात्र छात्राएं, स्टेशन के कुली व आटो चालकों की समस्या पर भाजपा नेता चुप हैं। बिलासपुर रेलवे जोन जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ आता है। यहां से केवल माल भाड़ा से केंद्र की मोदी सरकार 20,000 से 22,000 करोड रुपए हर साल कमाती है, लेकिन जब सुविधा देने की बारी आ रही है, तो विगत 9 साल से मोदी राज में छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को केंद्र की उपेक्षा ही मिल रही है। श्री देवांगन ने कहा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव बिलासपुर से सांसद है। प्रदेश की जनता ने केंद्र में चुनकर भेजा है, लेकिन वे जनता के प्रति अपना धर्म निमाने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। देशभर में सबसे पीडि़त, प्रताडि़त और उपेक्षित बिलासपुर जोन के ही छत्तीसगढ़ के रेल यात्री हैं। विगत 3 साल के भीतर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 67 हज़ार से अधिक ट्रेनें निरस्त की गई, लेकिन दलीय चटुकारिता में छत्तीसगढ़ से लोकसभा के लिए चुने गए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सहित 9 सांसद संसद में छत्तीसगढ़ के हित में मौन साधे हुए है। प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी महामंत्री राजेन्द्र साहू, राज्य मदरसा बोर्ड अध्यक्ष अलताफ अहमद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग उपाध्यक्ष आरएन वर्मा, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल कोसरे, दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष गया पटेल, पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद के सदस्य भूषण देवांगन, भिलाई कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पार्षद संदीप निरंकारी भी मौजूद थे।
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